शुक्रवार, 16 जनवरी 2009

ओबामा की एक पाती बेटियों के नाम

मेरी सबसे बड़ी खुशी तुम दोनों हो - अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति

एक पिता के रूप में ओबामा ने 10 साल की मालिया व सात साल की साशा को यह समझाने की कोशिश की है कि आखिर उन्होंने यह राह क्यों चुनी और वह उनसे क्या अपेक्षा रखते हैं।

ये सब मैं तुम दोनों के लिए चाहता था। मैं चाहता था कि तुम दोनों ऐसे माहौल में बढ़ो
जहां कोई उपलब्धि तुम्हारी पहुंच के बाहर न हो। सोचने की कोई सीमा न हो। जहां तुम
दोनों एक प्रतिबद्ध महिलाओं के रूप में बड़ी हो सको, जो एक सुंदर दुनिया के निर्माण
में योगदान दे। मैं चाहता हूं जो मौके तुम्हें मिले हैं वह देश के हर बच्चे को
मिले।


  • मेरे लिए कोई उपलब्धि बहुत महत्वपूर्ण नहीं रह गई।

  • मेरी सबसे बड़ी खुशी तुम दोनों हो।

  • मैं तुम्हें खुश नहीं रख सकता तो मेरी जिंदगी के कोई मायने नहीं है।

  • मैं हर बच्चे को स्कूल जाते देखना चाहता हूं।

  • मैं चाहता हूं कि उन्हें अच्छी नौकरी मिले और वे सफल इनसान बनें।

Friday 16 Jan, 2009 08:17 AM

ह्वाइट हाउस में आने से ठीक पहले अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपनी दोनों बेटियों को एक खत लिखा है। एक पिता के रूप में ओबामा ने 10 साल की मालिया व सात साल की साशा को यह समझाने की कोशिश की है कि आखिर उन्होंने यह राह क्यों चुनी और वह उनसे क्या अपेक्षा रखते हैं। बेटियों के नाम उनका पत्र परेड मैगजीन में छपा है। ओबामा ने लिखा है, ये सब मैं तुम दोनों के लिए चाहता था। मैं चाहता था कि तुम दोनों ऐसे माहौल में बढ़ो जहां कोई उपलब्धि तुम्हारी पहुंच के बाहर न हो। सोचने की कोई सीमा न हो। जहां तुम दोनों एक प्रतिबद्ध महिलाओं के रूप में बड़ी हो सको, जो एक सुंदर दुनिया के निर्माण में योगदान दे। मैं चाहता हूं जो मौके तुम्हें मिले हैं वह देश के हर बच्चे को मिले।

चुनाव प्रचार के चलते उन्हें अपनी बेटियों से दो साल तक दूर रहना पड़ा था। उन्होंने खेद जताते हुए लिखा है, मुझे तुम पर नाज है। मुझे पता है पिछले दो वर्षो में तुमने मुझे कितना याद किया होगा। संयम बनाए रखने के लिए मैं तुम्हारा आभारी हूं। आज मैं तुम्हें बताता हूं कि मैंने क्यों अपने परिवार के लिए यह रास्ता चुना। किसी भी अन्य व्यक्ति की तरह मैं भी सफल होना चाहता था। लेकिन पिता बनने के बाद सब कुछ बदल गया।

अचानक मुझे लगा कि मेरे लिए कोई उपलब्धि बहुत महत्वपूर्ण नहीं रह गई। मैंने पाया कि मेरी सबसे बड़ी खुशी तुम दोनों हो। मुझे एहसास हुआ कि यदि मैं तुम्हें खुश नहीं रख सकता तो मेरी जिंदगी के कोई मायने नहीं है। मेरी बच्चियों, इसीलिए मैं राष्ट्रपति बनने की दौड़ में शामिल हुआ। ओबामा ने लिखा है, मैं हर बच्चे को स्कूल जाते देखना चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि उन्हें अच्छी नौकरी मिले और वे सफल इनसान बनें।

साभार / स्‍त्रोत -

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