रविवार, 21 सितंबर 2008

‘स्त्री उपेक्षिता’ की लेखिका प्रभा खेतान नहीं रहीं

वरिष्ठ लेखिका प्रभा खेतान नहीं रहीं


हिन्दी की सुप्रसिद्ध लेखिका, उघमी तथा समाजसेविका डॉ. प्रभा खेतान का कल देर रात निधन हो गया। 66 वर्ष की डॉ. खेतान अविवाहित थीं। उन्हें 18 सितम्बर को सांस लेने में शिकायत होने पर साल्ट लेक स्थित आमरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अगले दिन बाईपास सर्जरी के बाद उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था। अचानक तबीयत बिगड़ जाने के बाद उन्होंने कल देर रात अंतिम सांस ली। डॉ. खेतान उन प्रतिभाशाली महिलाओं में थीं जिन्हें सरस्वती एवं लक्ष्मी दोनों से वरदान प्राप्त था।

उनका जन्म 1 नवम्बर 1942 को हुआ था। दर्शनशास्त्र में स्नातकोत्तर डॉ. खेतान एक सफल उघमी थीं। उन्होंने हिन्दी साहित्य की भी सेवा की। उन्हें कलकत्ता चैंबर आफ कॉमर्स की एकमात्र महिला अध्यक्ष होने का गौरव प्राप्त था। फ्रांसीसी रचनाकार सिमोन द बोउवा की पुस्तक ‘दि सेकेंड सेक्स’ के अनुवाद ‘स्त्री उपेक्षिता’ ने उन्हें काफी चर्चित किया। किया। आआ॓ पेपे घर चलें, पीली आंधी, अपरिचित उजाले, छिन्नमस्ता, बाजार बीच बाजार के खिलाफ, उपनिवेश में स्त्री जैसी उनकी रचनाएं काफी लोकप्रिय हैं।

विश्व विख्यात अस्तित्ववादी चिंतक व लेखक ज्यां पाल सार्त्र पर उनकी पुस्तकें काफी चर्चित हैं। इसके अतिरिक्त उनकी कई पुस्तकें और काव्यग्रंथ लोकप्रिय हुए। अपने जीवन के अनछुए पहलुओं को उजागर करने वाली आत्मकथा ‘अन्या से अनन्या’ लिखकर सौम्य और शालीन प्रभा खेतान ने साहित्य जगत को चौंका दिया। साहित्य जगत के लिए प्रभाजी का असामयिक निधन अपूरणीय क्षति है। विभिन्न व्यावसायिक सफलताओं के साथ ही एक कुशल रचनाकर के रूप में भी उन्हें याद किया जाता रहेगा। कल रविवार को स्थानीय नीमतल्ला घाट में उनकी अंत्येष्टि संपन्न होगी।


Prabha Khetan is no more ( A Biogarphy)
Famous Hindi poetess and litraraturist and novelist Prabha Ketan is no more. She died after heart attack in Amri Hospital, Salt Lake, Kolkota. She was 66. She was hearty attached by Bhagalpur by literature.

Some Golden poem by Prabha Khetan
Ujaale ( First Poem's Book published in 1981 ) - Poem
Sidhiyan Chadhti Hui Mai
Ek Aur AAkash ki Khoj me
Krishna Dharma
Husnabano
Ahilya

Golden novels by Prabh Khetan
Aao Pepe Ghar Chale ( First novel published in 1990) - Novel
Talabandi
agnisambhwa
Aids
Apne Apne Chehare
Peelee Aandhi
Stri Paksh

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