शुक्रवार, 6 मार्च 2009

महिला दिवस पर स्पेशल स्टोरी : दिलेर दूल्हन मंजू

- और अब मंजू
- दिलेर दूल्हन मंजू को सलाम
- मंजू का मंजूर नहीं लालची दूल्हा

महिला दिवस पर स्पेशल स्टोरी-------------------

उसे मंजूर नहीं लालची दूल्हा... उसने लौटा दी दूल्हे की बारात... फिर भी मुश्किल में हैं वो। जी हां एक और दिलेर दूल्हन इन दिनों चर्चा में है। उसका नाम है मंजू। लखनऊ की मंजू।
यदि दहेज लोभी से शादी कराई तो जान दे दूंगी- दिलेर दूल्हन मंजू
मैं पहले अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती हूं, इसके लिए आगे पढ़ाई करूंगी या मुझे अभी कोई अच्छी नौकरी मिली तो वो करूंगी। मैं कहीं अच्छी सी नौकरी करना चाहती हूं यदि कोई मेरी मदद करना चाहता है तो मेरी नौकरी लगवा दे। मैं किसी पर बोझ नहीं बनना चाहती हूं। - मंजू

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न्यूज पेपर में खबर छपने के बाद दूल्हे और उसके परिजनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। मंजू सब कुछ भूलकर आगे की पढ़ाई का मन बना रही थी कि अचानक उसके सामने नई मुसीबत पैदा हो गयी। अब दूल्हे के परिजन के साथ उसके मां-बाप भी उसी लड़के से शादी के लिए दबाव डाल रहे हैं। 4 मार्च को राज्य महिला आयोग पहुँची मंजू का कहना है यदि दहेज लोभी से शादी कराई तो जान दे दूंगी।
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  • लालची दूल्हे की बारात को बैरंग लौटने वाली ग्रेजुएट मंजू की दिलेरी को सबने सलाम किया
  • मंजू के दर पर नेपालगंज के डाक्टर से लेकर ओमान के इंजीनियर तक के रिश्ते आने लगे
  • मंजू पहले अपने पैरों पर खड़ी होगी फिर बसाएगी अपना घर
  • एसएमएस व ई-मेल से आए रिश्तों के पैगाम देख वो रो पड़ी
  • न्याय के लिए खटखटाया महिला आयोग का दरवाजा- कहा, लालची दूल्हे से शादी की तो जान दे दूंगी
  • माता-पिता भी डाल रहे हैं उसी लड़के से शादी का दबाव
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चलिए सबसे पहले पूरे वाकये पर एक सरसरी निगाह डाल लेते हैं। लखनऊ की मंजू की शादी 26 फरवरी को तय हुई थी। जयमाला केसमय दूल्हे ने उसके पिता से एक लाख रुपए और मोटरसाइकिल की मांग कर दी। दूल्हे की जिद के चलते दिलेर मंजू ने शादी न करने का फैसला कर लिया। आखिरकार बारात बैरंग लौट गई। दूल्हे और उसके परिजनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। अब मंजू के माता-पिता उसी लड़के से शादी करने के लिए जबरदस्ती कर रहे हैं। मंजू ने महिला आयोग से गुहार लगाई है। उसने कहा है कि जबरदस्ती की गई तो वह खुदकुशी कर लेंगी। इस बीच मंजू के दर पर नेपालगंज के डाक्टर से लेकर ओमान के इंजीनियर तक के रिश्ते पहुंचने लगे हैं। जाति-धर्म की दीवार तोड़कर युवक इस बहादुर लड़की को अपनी जीवन साथी बनाने के इच्छुक हैं।
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अब पूरी कहानी तफसील से
-लखनऊ के तालकटोरा थाना के अंबेडकरनगर भरतपुरी बी के रहने वाले जगदीश प्रसाद की 22 वर्षीय पुत्री मंजू ने राज्य महिला आयोग को दिए प्रार्थनापत्र में बताया 26 फरवरी को उसकी मोहल्ले के विजय कुमार से शादी तय हुई थी। जयमाला के समय विजय ने उसके पिता से एक लाख रुपए तथा मोटरसाइकिल मांग ली। घरवालों के लाख समझाने पर भी वह जिद पर अड़ा रहा। इसलिए मैंने उससे विवाह करने से मना कर दिया।
अगले दिन अखबार में इसकी खबर छपने के बाद विजय को कानूनी फंदे से बचाने के लिए उसके घरवाले शादी के लिए जोर डालने लगे। मंजू ने यह भी बताया कि उसके माता-पिता भी उसी लड़के से शादी के लिए जबरदस्ती कर रहे हैं। खत के अंत में महिला आयोग की अध्यक्ष से गुहार लगाते हुए मंजू ने कहा यदि मुझसे जबरदस्ती की गई तो आत्महत्या कर लूंगी।
मंजू को मदद देने के लिए लविवि की पूर्व कुलपति प्रो. रूपरेखा वर्मा आगे आईं, वहीं महिला थानाध्यक्ष ने कहा बालिग लड़की की शादी बिना उसकी मर्जी के नहीं होने दी जाएगी। मां-बाप से यह बात लिखित में लेने के बाद मंजू को घर रवाना कर दिया गया।
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मंजू के लिए रिश्तों की बौछार-
मंडप पर दहेज लोभी दूल्हे से रिश्ता तोड़ने वाली दिलेर मंजू के दर पर नेपालगंज के डाक्टर से लेकर ओमान के इंजीनियर तक के रिश्ते आने लगे हैं। जाति-धर्म की दीवार तोड़कर युवक इस बहादुर लड़की को अपनी जीवन साथी बनाने के इच्छुक हैं। लखनऊ के अलावा नेपालगंज, बलिया, आगरा, चंडीगढ़ ही नहीं ओमान से आए संदेशों में मंजू से शादी की इच्छा जाहिर करने वालों की संख्या कई दर्जन थी। ओमान में इंजीनियर और बलिया निवासी आरएस मिश्र्रा मंजू से शादी करना चाहते हैं। चंडीगढ़ के ओंकार मिश्र ने मंजू के साहस की सराहना करते हुए सलाह दी ऐसे आदमी से शादी करो जिसे इंसानियत की भूख हो।
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मंजू से मिलने को मुरीदों की कतार-
मंजू के मुरीदों की कतार लंबी होती जा रही है। चर्चा है कि कई लोगों ने मंजू को मदद करने की इच्छा भी जाहिर की। कोई पढ़ाई का खर्चा उठाना चाहता है तो कोई मंजू के शादी में टेंट और लाइट का मुफ्त व्यवस्था करने को बेताब है।

अपनी शादी के लिए आए शादी के प्रस्तावों का देखकर उसके आंखों में आंसू आ गया। इन रिश्तों के बारे में उसका कहना है कि वो पहले लड़के से मिल कर साफ साफ बात करेगी कि कोई दहेज या किसी अन्य लालच में तो शादी नहीं कर रहा है तब वर चुनेगी।

वही मंजू का कहना है कि मैं पहले अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती हूं, इसके लिए आगे पढ़ाई करूंगी या मुझे अभी कोई अच्छी नौकरी मिली तो वो करूंगी। उसका कहना है कि मैं कहीं अच्छी सी नौकरी करना चाहती हूं यदि कोई मेरी मदद करना चाहता है तो मेरी नौकरी लगवा दे। मैं किसी पर बोझ नहीं बनना चाहती हूं।

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