शुक्रवार, 7 मार्च 2008

एक सितारा




जमीं अपनी ना हुई,
आसमां अपना ना हुआ ...




कहने को सारा जहाँ
अपना था,
एक सितारा मगर,
अपना ना हुआ .

तृष्णा/ 15 अगस्त, 2004/ भोपाल

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