बुधवार, 14 मई 2008

ऑक्सफोर्ड जीनियस बनी कॉल गर्ल

जब वो दस साल की हुई तो सभी उसकी बुद्धिमानी का लोहा मानने लगे। जिस यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लोग तरस जाते है, पूरी जिंदगी निकल जाती है, उसमें उसने महज तेरह साल की ही उम्र में दाखिला ले लिया था। उस वक्त उस छोटी सी लड़की को सभी बुलाते थे, मैथमेटिक्स जीनियस (MATHMATICS GENIUS) के नाम से। लेकिन पढा़ई पूरी करने के बाद जब वो दुनिया के सामने आई तो किसी को भी यकीन करना नामुमकिन था। वो दुनिया के लिये बन चुकी थी एक ‘जीनियस’ हाईप्रोफाईल कॉल-गर्ल।

दुनिया की सबसे बेहतरीन यूनिवर्सिटिज़ में शुमार ऑक्सफोर्ड में पढ़ना हर STUDENT का एक सपना होता है। यही सपना लेकर सोफिया नाम के उस लड़की ने भी करीब दस साल पहले इस विश्वविद्यालय में एडमिशन लिया था। करीब 13 साल की उम्र में ही ऑक्सफोर्ड में दाखिला लेने वाली सोफिया सबसे कम उम्र की छात्रा थी। आप सोच रहे होंगे कि सोफिया अब एक विद्वान बन चुकी होगी। लेकिन आप को अपने कानों पर विश्वास करना मुश्किल हो जायेगा। क्योंकि सोफिया का नाम अब इंग्लैड़ की सबसे महंगी कॉल-गर्ल में शुमार हो चुका है। लोग उसे ‘शिल्पा ली’ के नाम से जानते है। इंटरेनट की एक सैक्स-साइट पर सोफिया ने जिस्मफरोशी का बाकायदा विज्ञापन दे रखा है। वेबसाइट के मुताबिक वो इंग्लैंड के सैलफोर्ड स्थित अपने फ्लैट से ये धंधा चलाती है। वेबसाइट पर पड़ी उसकी तस्वीरों को देखकर कोई भी यकीन कर सकता है कि वो पूरी तरह से वेश्यावृति के धंधे में लिप्त है।

कभी ऑक्सफोर्ड की MATHMATICS GENIUS रही सोफिया उर्फ शिल्पा ली पर अपने आप को सैक्सी एंड स्मार्ट कहलाना पसंद करती है। एक घंटे का वो अपने ग्राहको से 130 पाउंड वसूलती है। शिल्पा के मुताबिक अपने पारिवारिक वजह से वो इस सैक्स के इस गंदे धंधे में उतर गई है। शिल्पा के मुताबिक जब वो ऑक्सफोर्ड में पढ़ रही थी तो उसके पिता को दो नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण करने के चलते सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया था। इस घटना से वो अंदर से इस कदर टूट गई थी कि अपनी जिंदगी को संभालने के लिये उसने शादी भी रचाई। लेकिन कुछ ही दिनों में वो टूट गई। इन दोनों घटनाओं ने सोफियो को अंदर तक तोड़कर रख दिया। अपनी जिंदगी खुशगवार बनाने के लिये उसने जिस्मफरोशी का धंधा चुन लिया।

सोफिया उर्फ शिल्पा ली के ग्राहक भी जानते है कि वो गलत धंधे में पड़ गई है। शायद यही वजह है कि उसके एक ग्राहक ने उससे ये धंधा छोड़ने तक की गुहार लगाई है। सोफिया की वेबसाईट पर उस ग्राहक ने लिखा है “मुझे पूरा विश्वास है कि सोफिया इस बात से अच्छी तरह वाकिफ है कि उसने जो रास्ता अख्तियार किया है वो अच्छा नहीं है। जिंदगी को फिर से शुरु करने के लिये ये अच्छा करियर नहीं है। मुझे यकीन है कि उसने जिस्मफरोशी का धंधा जिंदगी से हताश हो कर चुन लिया है।”

जो दर्द सोफिया दुनिया को नहीं बता सकी, वो उसके एक ग्राहक ने लिखा है। बिना अपनी पहचान बताये उसके ग्राहक ने लिखा है-“सोफिया को इस धंधे को बंद कर देना चाहिये। एक इंसान होने के नाते उसे एक और मौका मिलना चाहिये। सोफिया को अपना शोषण बंद कर देना चाहिये। सोफिया तुम अपने भाई-बहनों को दिखा दो कि तुम इस कांटो भरी जिंदगी से उबर सकती हो।” मलेशिया की रहने वाली सोफिया उर्फ शिल्पा ली की कहानी जिसने भी सुनी, उसने ही अपील की है कि सोफिया उर्फ शिल्पा ली इस धंधे को छोड़कर एक नई जिंदगी की शुरुआत करे।

2 टिप्‍पणियां:

  1. bhai ji
    aapki baabat jitnaa kahun utnaa hi kam hai...kyaa likhaa hai...mind blowing...
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    amit k. sagar

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  2. ज़र्रे का आफ़ताब होना देखते आये हैं, मगर
    देखा नहीं ज़िन्दगी के और भी कितने साए हैं...
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    जबसे आपके ब्लोग पर कुछ भी नया देखने-पढ़ने आता हूँ, सबसे पहले "आधा आकाश" ही मुझे सुता है...कभी सोचता हूँ...कहीं गिर न जाए...बर्क के बिफारने से...इस तरह के फ़साने अब हतप्रत तो नहीं करते मगर इक़ बारगी को "फिर से" बिवश करते हैं सोचने को...यूँ तो हम रोज़ ही "सागर" इस कदर मंजरों से गुरते हैं...कि साकी को पिलाने की खबर नहीं और अपनी भी प्यास का पैमाना नहीं...नशे का आखिर हिसाब ही कौन रखे!

    "बहुत ही शुभकामनाएं इस प्रयास को...मैं "आधा आकाश" अपनी आँखों में लिए फिरने का शौक पाले लेता हूँ...तुम मुझे इतला करते जाना...हर नए टुकडे की बाबत...जो ज़र्रा हो इसीका...
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    अंत में;
    इक़ अनुरोध, क्रपया गौर फरमाएं...
    Word Verification के चलते कमेंट्स छोड़ने में दिक्कत होती है...
    अपने पाठकों को इस जहमत से बचाएँ...

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